local_florist श्री सच्चियाय माताजी की दिव्य आरती local_florist

सच्चियामाता आरती

॥ ॐ ह्रीं श्रीं सच्चियायै नमः ॥

ॐ जय सच्चिया माता
ओ मैय्या जय सच्चिया माता

मैय्या जय सच्चिया माता ...
भक्त जनन भय हारी, सेवक सुख दाता

ॐ जय सच्चिया माता

1. सुंदर धाम सुहाणो
ध्वजा लाल फहरे, ओ मैय्या...
जगमग ज्योत अनुठी, चरणमृत वरषे,
ॐ जय सच्चिया माता...

2. मंदिर स्वर्ग समाना,
मंगल ध्वनी छाई - ओ मैय्या...
भक्ति भाव मय पुजा, अंगीकृत माई
ॐ जय सच्चिया माता...

3. सच्चियाय नाम दया निधी,
सुख सौभाग्य मिले - ओ मैय्या...
दुःख दरिद्र मिटावे, इच्छा फल दिजे,
ॐ जय सच्चिया माता...

4. स्वर्ण सिंहासन राजत,
चंद्रवदन प्यारो - ओ मैय्या...
झिलमिल लालचूनड माँ, जग निरखे सारो
ॐ जय सच्चिया माता...

5. जेही घर मात विराजे,
सद्गुण सब आते - ओ मैय्या...
रिद्धी सिद्धी बल बुद्धि ,यश गौरव पाते
ॐ जय सच्चिया माता...

6. नवलख रुप निरंजनी,
भव दधि पार करो - ओ मैय्या...
शरण मात् हम आये, वरद हस्त धरो
ॐ जय सच्चिया माता...

7. स्वर्ण थाल मधु, मेवा,
छप्पन भोग लगे - ओ मैय्या...
‘मान बाँठिया’ चाकर, जय जयकार लगे
ॐ जय सच्चिया माता...

8. केसर चंदन धुप दिप ले
आरती भक्त करे - ओ मैय्या...
पुष्प वृष्टि स्वर्गासे, हँस हँस देव करें
ॐ जय सच्चिया माता...

जय ओसिया माता, ओ मैय्या जय सच्चिया माता
भक्त जनन भय हारी
सेवक सुख दाता...

॥ ॐ सच्चियाय माता नमो नमः ॥

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